इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को राहत दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तक आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने नदीम उर्फ मोहम्मद नदीम और दो अन्य की याचिका पर दिया। आरोपी के खिलाफ मुरादाबाद के नागफनी थाने दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। नदीम उर्फ मोहम्मद नदीम और दो अन्य की ओर से दायर याचिका में ट्रायल कोर्ट के 31 मार्च 2026 के समन आदेश और पुलिस की चार्जशीट को चुनौती दी गई थी।

याचियों के अधिवक्ता ने दलील दी कि पीड़ित और आरोपी के बीच पिछले एक से प्रेम संबंध थे और दोनों के बीच बने संबंध सहमति से थे। संबंध आगे नहीं बढ़ने पर शादी का झूठा वादा बताकर मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया और विवेचना के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर ही आरोप पत्र दाखिल किया गया है। कोर्ट ने विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही अगली सुनवाई तक मामले की समस्त कार्यवाही पर रोक लगा दी।

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